Monday, January 14, 2008

धूप के रंग

(१)
धुप के रंगों में से
चुनकर
मैं एक रंग
तुम्हारे लिए लाया हूँ
तुम
इसे अपनी माँग में सजा लो

(२)
जब कभी तुम्हारी याद आती है तो
वो झील भी याद आ जाती है
जिसके इर्द-गिर्द
हम साथ साथ घूमे थे
और वहीं पर जब
तुम मेरी बाहों में पिघल गयीं थी
तो मैं तुम्हे
उसी झील में बहा आया था

(३)
तुम्हे चटख फूल पसंद हैं
हैं ना -
खिली हुई धूप कि तरह,
जब मिलेंगे तो
भेज दूँगा
-
- सप्रेम तुम्हारा

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