Thursday, August 20, 2015

रिश्तेः तीन कविताएं

1
स्पर्श आवश्यक है
एक रिश्ता गढ़ने के लिये
और रिश्तों में गर्माहट भी रहती है
पर उन रिश्तों का क्या
जो बिना छुए ही बन जाते हैं

2
वो आदमी जो तनहा था.
उसने कुछ रिश्ते उधार मांगे थे
(भला रिश्ते भी कहीं उधार मिलते हैं)
उसे कुछ मिले तो सही
पर उम्र पूरी होने के बाद

3
सब कुछ बेच लेने के बाद भी
मेर पास एक सन्दूक रह गया
रिश्तों से अटा हुआ
..... पर अब टटोलने से क्या फायदा
हर रिश्ते की तो एक उम्र होती है



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