गिल्ली डंडे का खेल
कबड्डी की धक्कम पेल
यादें, कुश्तियों के दांव
ढेर सारे कंचे
ढेर सारी ऊधम
यादें, यार दोस्त बिंदास
पटाखों की जंग
होली के रंग
यादें, साजिंदों के साज़
जाड़े की नरम धूप
मथानी की थिरकन
यादें, मक्खन और छाछ
शर्मीली तितलियाँ
ढीठ मक्खियां
यादें, कनखजूरों की खाज
गोधूलि पे घर लौटते ढोर
धूल और उनके शोर
यादें, घर और माँ की आवाज़
कबड्डी की धक्कम पेल
यादें, कुश्तियों के दांव
ढेर सारे कंचे
ढेर सारी ऊधम
यादें, यार दोस्त बिंदास
पटाखों की जंग
होली के रंग
यादें, साजिंदों के साज़
जाड़े की नरम धूप
मथानी की थिरकन
यादें, मक्खन और छाछ
शर्मीली तितलियाँ
ढीठ मक्खियां
यादें, कनखजूरों की खाज
गोधूलि पे घर लौटते ढोर
धूल और उनके शोर
यादें, घर और माँ की आवाज़
1 comment:
Nostalgic, Down the memory lane
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