Monday, May 4, 2020

संवाद

हम क्या हैं
यदि नहीं अपने निर्णय
जो लिए हमने
सूने बियाबानों में

पानी किस
घाट का पीना है
किस पेड़ की
छाया में सोना है
किस कंधे पे
हमको रोना है
क्या रख लें
किस को खोना है

हम क्या हैं
यदि नहीं अपने भय
जिनसे डरे हम
अंधेरों, उजालों में

दीवारों पे, खूटियों पे
पोशाकों सी टंगी है
छोटी है, लम्बी है
सचमुच एक नौटंकी है
ज़िन्दगी - क्या है? 
एक पल या एक उम्र
डर है विछोह का
प्रेम के क्षण भी
जीवन की वेदना
इमली का पेड़ -
खट्टी पत्तियां, खट्टे फल
पर छाया मीठी है 
और भी बहुत कुछ...
पर यातना नहीं है

संसृति क्या है
यदि नहीं बहता समय
जहां बहे हम सब
अपने ही सैलाबों में


Thursday, April 16, 2020

chhanikaaen

1
याद
यादों की बरफी बनायी
चख के देखी
मीठी थी
बेच ली

2
स्वागत
तुम्हारा स्वागत है
मेरे एकाकी जीवन में
आओ हम तुम मिलकर
एक ऐसा गीत गायें
जिसमें मिलन का बोध हो

3
और फिर।।।।
शब्द झरे तो बह चले
बह चला समय
न तो शब्द थमे
न समय
और न ही नियति

4
ख़बर
जनवरी 10
उस आदमी को
जिसे एक कुत्ते ने काट लिया था
नगरपालिका वाले पकड़ ले गये
और बधिया कर दिया

6
कैसे
मैं नहीं समझ पाता
कि कोई कैसे निकल जाता है
ज़िन्दगी की जद्दोजहद से
जीते जी

Sunday, January 26, 2020

फलसफा

कोहरे की सुबह
गर्म लिहाफ
ज़िन्दगी का शेयर
कभी फुल कभी हाफ

चाय की प्याली से
उठती हुई भाप
ज़िन्दगी की चुस्की
कभी हम कभी आप

बच्चों की गणित
बस प्रॉफिट और लॉस
ज़िन्दगी का मैथ
उम्र भर का अभ्यास