Monday, May 4, 2020

संवाद

हम क्या हैं
यदि नहीं अपने निर्णय
जो लिए हमने
सूने बियाबानों में

पानी किस
घाट का पीना है
किस पेड़ की
छाया में सोना है
किस कंधे पे
हमको रोना है
क्या रख लें
किस को खोना है

हम क्या हैं
यदि नहीं अपने भय
जिनसे डरे हम
अंधेरों, उजालों में

दीवारों पे, खूटियों पे
पोशाकों सी टंगी है
छोटी है, लम्बी है
सचमुच एक नौटंकी है
ज़िन्दगी - क्या है? 
एक पल या एक उम्र
डर है विछोह का
प्रेम के क्षण भी
जीवन की वेदना
इमली का पेड़ -
खट्टी पत्तियां, खट्टे फल
पर छाया मीठी है 
और भी बहुत कुछ...
पर यातना नहीं है

संसृति क्या है
यदि नहीं बहता समय
जहां बहे हम सब
अपने ही सैलाबों में


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