वो एक बात ही थी कि सब क़त्ल हो गए
वरना खंजरों से कौन मरा करते हैं
हमें तो डर है सिर्फ उनकी नज़रों के कहर का
वरना इस ज़माने से कौन डरा करते हैं
समेट लाया हूँ दुनिया की गर्द, फिर भी
गहरे पुराने घाव हैं यूं ही नहीं भरा करते हैं
वरना खंजरों से कौन मरा करते हैं
हमें तो डर है सिर्फ उनकी नज़रों के कहर का
वरना इस ज़माने से कौन डरा करते हैं
समेट लाया हूँ दुनिया की गर्द, फिर भी
गहरे पुराने घाव हैं यूं ही नहीं भरा करते हैं
1 comment:
Bahut khoob..
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